हिंदी मेला 2025 में पंडित रामानंद द्विवेदी संस्कृत सम्मान की घोषणा
कलकत्ता विश्वविद्यालय के सौरिन मंडल, अमिता कोले और सरस्वती टूडू को इस वर्ष का संस्कृत सम्मान मिलेगा। सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन और भारतीय भाषा परिषद द्वारा 26 दिसंबर से होने वाले हिंदी मेले में पुरस्कार प्रदान किए जाएँगे।
कोलकाता, 10 दिसंबर। सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन तथा भारतीय भाषा परिषद द्वारा आज घोषित किया गया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के विद्यार्थी सौरिन मंडल, वर्द्धमान विश्वविद्यालय की अमिता कोले और विद्यासागर विश्वविद्यालय की छात्रा सरस्वती टूडू को वर्ष 2025 का ‘पंडित रामानंद द्विवेदी संस्कृत सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान प्रतिष्ठित हिंदी मेला के दौरान दिया जाएगा, जो इस वर्ष 26 दिसंबर से कोलकाता में प्रारंभ हो रहा है।
सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के संयुक्त महासचिव प्रो. संजय जायसवाल ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को ₹5000 की सम्मान राशि, स्मृति-चिह्न और मानपत्र से नवाजा जाएगा। यह सम्मान महान संस्कृत एवं पाणिनि विद्वान पंडित रामानंद द्विवेदी की स्मृति में उनके सुपुत्र रामनिवास द्विवेदी और पुत्रवधू द्रौपदी द्विवेदी के सौजन्य से प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
सम्मान हेतु चयन प्रक्रिया डॉ. शंभुनाथ, प्रो. पार्थ और डॉ. उत्तम विश्वास की निर्णायक समिति द्वारा पूरी की गई।
बिहार में जन्मे पंडित रामानंद द्विवेदी ने संस्कृत अध्ययन के लिए सुदूर कोलकाता को कर्मभूमि बनाया और लगभग तीन दशकों तक अध्यापन करते हुए भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी स्मृति में दिया जाने वाला यह सम्मान संस्कृत शिक्षण में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करेगा।
सभी चयनित विद्यार्थियों को 1 जनवरी 2026 को भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता में औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
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