आज़ाद अधिकार सेना का 15 जनवरी से धरना-प्रदर्शन व अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
आजाद अधिकार सेना पार्टी ने 15 जनवरी 2026 को ‘देवरिया चलो’ का आह्वान करते हुए धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की। पार्टी ने अमिताभ ठाकुर की रिहाई और कथित झूठे मुकदमे की वापसी की माँग की।
लखनऊ/देवरिया | 15 जनवरी 2026 | उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजाद अधिकार सेना पार्टी ने एक बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है। पार्टी ने ‘देवरिया चलो’ का नारा देते हुए 15 जनवरी 2026 से देवरिया में धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन का केंद्रबिंदु पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमे को वापस लेने की माँग है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे न्याय, मानवाधिकार और कानून के समान प्रयोग की लड़ाई बताया गया है। आंदोलन के दौरान ‘अमिताभ ठाकुर जिंदाबाद’, ‘अमिताभ ठाकुर को रिहा करो’, ‘झूठा मुकदमा वापस लो’ और ‘अपराधियों का संरक्षण बंद करो’ जैसे नारे प्रमुख रूप से लगाए जाएंगे।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान
आजाद अधिकार सेना पार्टी का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो धरना-प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में तब्दील किया जाएगा। पार्टी के अनुसार यह निर्णय लोकतांत्रिक तरीके से दबाई जा रही आवाज़ों और कथित राजनीतिक प्रतिशोध के विरोध में लिया गया है।
व्यापार संगठनों का समर्थन
इस आंदोलन को व्यापार बिग्रेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहनलाल जायसवाल का समर्थन भी मिला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल उठाना अपराध नहीं होना चाहिए। जायसवाल ने व्यापार समुदाय से भी अपील की कि वे इस आंदोलन में भाग लेकर न्याय और संविधान के पक्ष में खड़े हों।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल
देवरिया में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासनिक हलकों में भी तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। पुलिस-प्रशासन की नजर आंदोलन पर बनी हुई है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना जताई जा रही है।
पार्टी का कहना
आजाद अधिकार सेना पार्टी के नेताओं का कहना है कि
- अमिताभ ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।
- कानून का प्रयोग चुनिंदा तरीके से किया जा रहा है।
- अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है, जबकि सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
पार्टी ने साफ किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा, लेकिन जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, संघर्ष जारी रहेगा।
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